राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर जानें कुछ ज़रूरी बातें

by Team Onco
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भारत में आज राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह लोगों को कैंसर के गंभीर खतरे के बारे में शिक्षित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कैंसर दूसरी सबसे घातक बीमारी है जो लोगों में मौत का कारण बनती है।

कैंसर से मरने वाले लोगों की स्थिति भारत देश के लिए एक गंभीर खतरा है। 2018 में, भारत के 1.5 मिलियन लोग कैंसर से मर गए। इस प्रकार, कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिवस 7 नवंबर को मनाया जाता है।

Indian cancer awareness day

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पहली बार सितंबर 2014 में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस की घोषणा की। उन्होंने कैंसर नियंत्रण पर राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू किया, और लोगों को मुफ्त जांच के लिए नगरपालिका क्लीनिकों में रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान कैंसर के शुरुआती लक्षणों और इससे बचने के उपायों के बारे में बताने वाली एक पुस्तिका भी वितरित की गई।

आइए जानते हैं कि हम इस राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर क्या कर सकते हैं ताकि कैंसर के अपने जोखिम को कम किया जा सके, बीमारी का जल्द पता लगाया जा सके और खुद को और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखा जा सके।

जानिए कैंसर के लक्षण 

कुछ प्रकार के कैंसर के लिए, लक्षणों को जानने से आपको अपने कैंसर का पता लगाने में मदद मिल सकती है, जबकि यह अभी भी प्रारंभिक अवस्था में है। शुरुआती पहचान अधिक सफल उपचार और जीवित रहने की अधिक संभावना को बढ़ाती है। 

प्रभावित अंग के आधार पर अलग-अलग कैंसर के अलग-अलग लक्षण होते हैं। लेकिन यहां कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं जिन्हें आपको नज़रअंदाज नहीं करना चाहिएः

  • आपके शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द जो लगातार और बिना किसी कारण के हो।
  • बिना किसी कारण के अचानक वजन कम होना।
  • हर समय थकान महसूस होना।
  • बुखार जो कम नहीं होता या बार-बार हो।
  • त्वचा के रंग या बनावट में परिवर्तन।
  • शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ, दर्द सहित या दर्द रहित।
  • शरीर के किसी हिस्से से असामान्य स्राव या खून बहना।
  • त्वचा या मुंह पर छाले जो ठीक न हो रहे हो। 

यदि आप अपको या आपके किसी प्रियजन को इस तरह के लक्षण देखते हैं, तो किसी अन्य समस्या से बचने के लिए डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें। इन लक्षणों का हमेशा यह मतलब नहीं होता कि आपको कैंसर है। इनके कई गैर-कैंसर कारण हो सकते हैं, लेकिन फिर भी आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए। 

कैंसर की स्क्रीनिंग कराएं 

यदि आपके परिवार में आपको कैंसर है, या यदि आप लंबे समय से तंबाकू (किसी भी रूप में) का सेवन कर रहे हैं, तो आपके कैंसर का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक हो सकता है। अपने डॉक्टर से बात करें कि आपके लिए कौन से स्क्रीनिंग टेस्ट उपयुक्त होंगे ताकि आप कैंसर को बढ़ने से पहले पकड़ सकें, यह शुरुआती अवस्था में हो सकता है। 

स्तन कैंसर के लिए, 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे कैंसर के जोखिम के आधार पर हर साल या हर वैकल्पिक वर्ष में मैमोग्राफी करवाएं। इसी तरह, सर्वाइकल कैंसर के लिए, पैप स्मीयर पहले चरण में पहुंचने से पहले ही बीमारी की पहचान करने में मदद कर सकता है।

सभी प्रकार के कैंसर में स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं होते हैं। वार्षिक स्वास्थ्य जांच करवाएं ताकि किसी भी असामान्यता का जल्द से जल्द पता चल सके।

एक दंत चिकित्सक आपके मुंह और होंठों में मुंह के कैंसर के किसी भी लक्षण का पता लगाने में सक्षम होगा।

टीका लगवाएं

टीकाकरण के माध्यम से कुछ कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है। उदाहरण के लिए, गर्भाशय ग्रीवा यानी कि सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों को 13 साल की उम्र में टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है, या इससे पहले कि यौन संचारित होने वाले एचपीवी वायरस के संपर्क में आने की कोई संभावना हो।

cancer vaccine

भले ही लीवर कैंसर जैसे कैंसर का कोई विशिष्ट टीकाकरण नहीं होता है, लेकिन हेपेटाइटिस वायरस के खिलाफ टीका लगाने से आपके लीवर कैंसर का खतरा कम हो जाता है। 

तंबाकू के सेवन से बचें

तंबाकू कैंसर का सबसे रोकथाम योग्य कारण है। यह आपके फेफड़े, मुंह और गर्भाशय ग्रीवा सहित कई प्रकार के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है।

How does tobacco increase risk of cancer

यदि आप या आपके प्रियजन धूम्रपान के आदी हैं, तो आपके पास एक काउंसलर से परामर्श करने का विकल्प है जो आपको इस आदत छोड़ने में मदद करेगा।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें

एक हेल्दी लाइफस्टाइल मोटापे को रोक सकती है, मोटापा भी कैंसर का एक कारण है। मोटापा कई बीमारियों से जुड़ा हुआ है और कैंसर उनमें से एक है। 

एक हेल्दी वजन बनाए रखें, और शरीरिक तौर पर एक्टिव रहने से आपके कई प्रकार के कैंसर का खतरा कम हो जाता है और यदि आपको कभी भी कैंसर का पता चलता है तो आपके बचने की संभावना में सुधार होता है। 

यहां तक कि मध्यम मात्रा में व्यायाम जैसे कि 30 मिनट का एरोबिक एक्सरसाइज, सप्ताह में पांच बार, आपके जोखिम को काफी कम कर सकता है।

संतुलित, स्वस्थ और आहार का पालन करें 

एक आहार जो रिफाइंड कार्बाेहाइड्रेट, शुगर, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट में हाई होता है, आपके कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। इस तरह के खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र में पुरानी सूजन का कारण बनते हैं जिससे टाइप 2 डायबटीज़ और हृदय रोग सहित कई अन्य बीमारियों को बढ़ावा देते हैं।

nutrition for cancer prevention

हरी सब्जियों से भरपूर आहार जैसे पालक, ताजे फल और सब्जियां जैतून के तेल जैसे हेल्दी फैट सैल्मन जैसे लीन मीट और बादाम और अखरोट जैसे नट्स को अपने आहार में शामिल करें। 

चूंकि शराब और रेड मीट के अत्यधिक सेवन से आपके कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इन्हें अपने दैनिक आहार में सीमित करना महत्वपूर्ण है। गहरे तले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज करने से भी आपके जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। 

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