थायरॉयड कैंसर: जानें कैसे मददगार है लो आयोडीन डाइट

by Team Onco
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आपने शायद लो फैट डाइट के बारे में सुना होगा या लो-कार्ब डाइट। लेकिन क्या आपने कभी लो आयोडीन डाइट के बारे में सुना है? 

यदि आपके किसी जानने वाले को थायराइड कैंसर हुआ है. तो ये डाइट वह ज़रूर ले रहे होंगे। लेकिन एक डॉक्टर द्वारा लो-आयोडीन डाइट की सिफारिश क्यों की जा सकती है, और कौन से कैंसर रोगी को इससे सबसे अधिक फायदा होता है?

लो आयोडीन डाइट क्या है?

लो आयोडीन डाइट (low-iodine diet) कभी-कभी थायरॉयड कैंसर वाले लोगों के लिए निर्धारित की जाती है। इसका लक्ष्य उनके आहार से जितना संभव हो सके उस खनिज को अस्थायी रूप से समाप्त करके उनकी थायरॉयड ग्रंथियों को आयोडीन के लिए ‘भूखा’ बनाना है। 

डॉक्टर तब स्कैन की मदद से दौरान कैंसर वाले क्षेत्रों को हाइलाइट करके, या रेडियोएक्टिव आयोडीन का उपयोग करके उन्हीं क्षेत्रों का इलाज कर सकते हैं, क्योंकि पैपिलरी थायरॉयड (​​papillary thyroid) कैंसर कोशिकाएं इसे जल्दी से अवशोषित कर लेंगी। 

क्या अन्य प्रकार के थायरॉइड कैंसर के मरीज भी लो आयोडीन डाइट ले सकते हैं?

केवल पैपिलरी थायरॉयड कैंसर कोशिकाएं रेडियोएक्टिव आयोडीन को अवशोषित करती हैं। तो, यह एनाप्लास्टिक (anaplastic) या मेडुलरी थायरॉयड कैंसर (medullary thyroid cancers) के साथ प्रभावी नहीं है।  

थायरॉइड कैंसर रोगियों को आमतौर पर लो आयोडीन डाइट कब तक लेनी चाहिए? 

यह डाइट लंबे लंबे समय तक नहीं ली जाती है। आम तौर पर, निदान प्रक्रिया या उपचार से पहले 14 दिनों तक और फिर शायद 1 से 3 दिन बाद तक इसे लेने की सलाह दी जाती है। 

लो आयोडीन डाइट में क्या शामिल होता है? क्या इससे बचने के लिए विशेष खाद्य पदार्थ के सेवन से परहेज करना चाहिए?

अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन की माने तो, लो-आयोडीन डाइट को फाॅलो करने वाले लोग अपने आयोडीन सेवन को प्रति दिन 50 माइक्रोग्राम या उससे कम तक सीमित करते हैं। इसका मतलब है कि आयोडीन युक्त नमक और समुद्र से आने वाली किसी भी चीज के सवेन से बचना चाहिए। इसमें मछली, शेलफिश, समुद्री शैवाल, और यहां तक ​​कि सीप के गोले से प्राप्त कैल्शियम की सप्लीमेंट भी शामिल है। आप अन्य चीजों से परहेज ज़रूर करें:

  • अंडे की जर्दी
  • डेयरी प्रोडक्ट
  • ब्लैकस्ट्रैप गुड़
  • सोया प्रोडक्ट (टोफू)
  • रहुबर्ब
  • बेकरी प्रोडक्ट (आटा में आयोडीन युक्त नमक या आयोडीन युक्त अन्य सामग्री, जैसे पोटेशियम आयोडेट)

लो आयोडीन डाइट में किस तरह का आहर लिया जाता है?

ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जिनका लोग अभी भी लो आयोडीन डाइट पर आनंद ले सकते हैं। इनमें अनसाल्टेड शामिल हैं:  

  • सब्जियां और फल (ताजा या जमे हुए)
  • नट बटर
  • सफेद अंडे बिना जर्दी के
  • ताजा मांस (प्रति दिन 6 औंस से कम)
  • छिलके वाले मीठे या नियमित आलू
  • पास्ता
  • वेजिटेबल ऑयल
  • साबुत अनाजए जैसे चावल या दलिया
  • विनाईग्रेटे या अन्य नमक मुक्त ड्रेसिंग के साथ सलाद

यदि कोई लो आयोडीन डाइट का पर्याप्त रूप से पालन नहीं करता तो क्या हो सकता है?

यदि रेडियोएक्टिव आयोडीन से जुड़ी प्रक्रिया से पहले आपका थायरॉयड आयोडीन से पर्याप्त रूप से वंचित नहीं है, तो यह आपके टेस्ट के परिणामों की सटीकता या आपके उपचार की प्रभावशीलता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। तो, हो सकता है कि आपको वह सब फिर से करना पड़े, जिससे आपके इलाज में देरी हो सकती है।

क्या सी फूड से एलर्जी वाले लोगों को लो आयोडीन डाइट से फायदा हो सकता हैं?

नहीं। ज्यादातर लोग जिन्हें  सी फूड में आयोडीन से एलर्जी होती है, उन्हें एक विशिष्ट प्रकार से एलर्जी होती है, जैसे केकड़ा या शेलफिश। ऐसे लोग शायद ही होते हैं  जिन्हें आयोडीन युक्त नमक की समस्या है।

और फिर, मानव शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है। तो, एक लो आयोडीन डाइट कोई स्थायी समाधान नहीं है।

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